Heartswill एक सीधे-सच्चे वादे वाली दुकान है। दाम आप तय करते हैं। हम अपनी लागत खुलकर दिखाते हैं। उससे ऊपर का हर रुपया किसी ज़रूरतमंद बच्चे तक दिल बनकर पहुँचता है, और आप देख भी पाते हैं कि कहाँ पहुँचा।
क्या हो, अगर हमारी हर ख़रीद अपने साथ थोड़ी-सी अच्छाई भी ले चले, और हम उसे पहुँचते हुए देख सकें?
पहला अभियानशुरुआती दौर
करुणा
निर्माण मज़दूरों के बच्चों और ट्रैफ़िक सिग्नल पर नंगे पाँव मिलने वाले बच्चों के लिए चप्पल-जूते। बिल्डरों के साथ मिलकर लेबर कैंपों और साइट के झूलाघरों में बाँटे जाते हैं।
एक जोड़ी
लगभग ₹250
हार्ट्स में
लगभग 5
अगुवाई
Alinkrita Sharma
पहली बँटाई दर्ज होते ही यहाँ असली तस्वीरें दिखेंगी। चेहरे धुंधले, जगह सिर्फ़ इलाके तक।
हम जो भी ख़रीदते हैं, उसके पीछे अक्सर बस एक रसीद रह जाती है। Heartswill इसी सोच से शुरू हुआ कि एक मामूली-सी ख़रीद भी किसी ज़रूरतमंद तक कुछ सच्चा पहुँचा सके, और यह साबित भी हो कि वह पहुँचा।
इस दुकान का हर ऑर्डर आनंदबोध फ़ाउंडेशन के किसी नेक काम के नाम एक वादा बन जाता है। पैसा फ़ाउंडेशन के पास रहता है और खर्च का हर फ़ैसला वही करता है। प्रशिक्षित स्वयंसेवक इन वादों को असली चीज़ों में बदलते हैं, जैसे मज़दूरों के बच्चों के लिए चप्पल-जूते, और उन्हें अपने हाथों से सौंपते हैं।
इस तरह पहुँचने वाले हर ₹50 को हम एक हार्ट कहते हैं। यह कोई इनाम या टोकन नहीं, बल्कि उस अच्छाई का सच्चा हिसाब है जो आपने भेजी।
हमारा मक़सद
वादा नहीं, हिसाब।
भलाई भी उतनी ही साफ़ दिखनी चाहिए जितना टैग पर लिखा दाम। हमारी हर चीज़ तीन बातों पर टिकी है।
हर रुपये का हिसाब
हर दाम बताता है कि चीज़ बनाने, पैक करने और आप तक पहुँचाने में कितना लगा, और नेक काम तक कितना गया। बीच में कुछ भी छिपा नहीं।
सबूत, जिसे आप जाँच सकें
हर वादा, हर बँटाई और हर कहानी एक खुले बही-खाते में दर्ज होती है, जहाँ हर पन्ना पिछले पन्ने से जुड़ा रहता है।
इंसान सबसे पहले
बच्चों के चेहरे धुंधले रखे जाते हैं। जगह सिर्फ़ इलाके तक बताई जाती है। जो तस्वीर से मना करे, उसे भी चीज़ ज़रूर मिलती है।
कैसे काम करता है
आपकी ख़रीद से, किसी बच्चे के पैरों तक।
दाम आप तय करें
कम-से-कम दाम दीजिए या उससे ज़्यादा, जो दिल कहे। पेज साफ़ दिखाता है कि कितना चीज़ की लागत है और कितना हार्ट्स बनेगा।
आपके हार्ट्स का वादा
भुगतान होते ही लागत से ऊपर का सारा पैसा आपके चुने नेक काम के नाम हो जाता है।
हाथों-हाथ पहुँचाया
स्वयंसेवक दो गवाहों के सामने हर चीज़ सौंपते हैं: लेबर कैंपों में, झूलाघरों में, सड़क किनारे।
कहानी लौटकर आती है
आपके ऑर्डर पेज पर आपके हार्ट्स दिखते हैं, और बँटाई दर्ज होते ही यह भी कि वे कहाँ पहुँचे।
आप देंगे ₹1,000−लागत ₹600=₹400 → 8 हार्ट्स
उदाहरण: ₹600 लागत वाली चीज़। हर चीज़ अपनी लागत ख़ुद दिखाती है। यानी लगभग 1 जोड़ी चप्पल-जूते।
पहली पेशकश · विश कलेक्शन
विश पेंडेंट
एक पेंडेंट जो आपकी एक दुआ सँजोए रखता है, और किसी ज़रूरतमंद बच्चे तक दिल पहुँचाता है।
₹750 से · दाम आप तय करें
जल्द आ रहा है
₹750, ₹1,000 या ₹1,500 चुनिए, या कम-से-कम दाम से ऊपर कोई भी रक़म। लागत से ऊपर का हर ₹50 आपके चुने नेक काम के लिए एक हार्ट बनता है। अपना ईमेल छोड़ जाइए, आते ही हम आपको बताएँगे।
शुक्रिया! विश पेंडेंट आते ही हम सबसे पहले आपको बताएँगे।